भारत में सबसे ज्यादा हिन्दू धर्म के लोग रहते हैं। इसलिए हिन्दू धर्म के लोगों का त्योहार भी अधिक मनाया जाता है। हिन्दूओं के अनेक पर्व होते हैं। इन पर्वों में से एक पर्व धनतेरस का भी है । जिसे बड़ी हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है।
धनतेरस कब मनाते हैं? (Dhanteras Kyu Manaya Jata Hai?)
धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। यानी अक्तूबर या नवंबर महीने में पड़ती है। धनतेरस का अर्थ होता है धन। पुराणों में धन की तुलना स्वास्थ्य से की गई है। ऐसा कहा जाता है कि अगर आपका स्वास्थ्य अच्छा है आप निरोगी है तो आप सबसे बड़े धनवान है। धनतेरस के दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। दिपावली के दो दिन पहले मनाया जाता है। धनतेरस के दिन सोने-चांदी और तांबे के की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। अब आधुनिक समय में लोग वाशिंग मशीन,फ्रीज, गाड़ी जैसी चीजों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
धनतेरस की कथा
धनतेरस के मनाने के पीछे बहुत सारी कथाएं बताई जाती है। ऐसा कहा जाता है जब समुद्र मंथन हो रहा था तब धन्वतरि भगवान अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे और अमृत पिलाकर देवताओं को अमर कर दिया था। इसके पीछे एक और कहानी बताते हैं जो राजा बलि की है।
निष्कर्ष
धनतेरस हिन्दुओं का बहुत ही पवित्र पर्व है। धनतेरस के वजह से दिवाली के दो दिन पहले ही रौनक हो जाती है। धनतेरस के दिन हम अपने घरों में मिल जूल के पूजा करता चाहिए और अपने परिवार की अच्छी स्वास्थ की कामना करनी चाहिए ।
