इस पोस्ट में मध्य प्रदेश पर निबंध (Essay on Madhya Pradesh in Hindi) के द्वारा हम मध्य प्रदेश के बारे में विस्तार से जानेंगे। मध्य प्रदेश भारत का एक राज्य है, इसकी राजधानी भोपाल है। मध्य प्रदेश 1 नवंबर, 2000 तक क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य था। इस दिन मध्यप्रदेश राज्य से 16 जिले अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य छत्तीसगढ़ की स्थापना हुई थी। खनिज संसाधनों से समृद्ध, मध्य प्रदेश हीरे और तांबे का सबसे बड़ा भंडार है।
मध्य प्रदेश पर निबंध – Essay on Madhya Pradesh in Hindi
भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं. मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित हैं. इसलिए इसे ह्रदय प्रदेश भी कहा जाता हैं. प्रदेश को मध्य प्रदेश का नाम पंडित जवाहरलाल नेहरु ने दिया था. म.प्र. को ब्रिटिश काल में सेंट्रल प्रोविंसेस और बरार नाम से जाना जाता था.
मध्य प्रदेश का गठन- स्वतंत्रता पश्चात मध्य प्रदेश को थ्री स्टेट a, b और c में बांटा गया. सेंट्रल प्रेविसेंस तथा बरार में छतीसगढ़ और बघेलखंड को मिलाकर पार्ट a बना. पश्चिम की रियासतों को मिलाकर पार्ट b बनाया गया. भोपाल पार्ट c का भाग था.
1853 में फजल अली की अध्यक्षता में गठित राज्य पुनर्गठन आयोग की अनुशंसा पर 1 नवम्बर 1956 को नवीन मध्य प्रदेश का गठन हुआ. नवीन मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को बनाया गया. नवीन मध्य प्रदेश में कुल 43 जिले थे. वर्तमान में मध्यप्रदेश प्रशासनिक तौर पर 10 संभागों और 50 जिलों में बंटा हुआ हैं. 1 नवम्बर 2000 में मध्यप्रदेश से एक हिस्सा अलग करके छतीसगढ़ राज्य की स्थापना की गई.
मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति- म. प्र. पूर्णत आवेष्टित राज्य हैं. मध्य प्रदेश की सीमा पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, छतीसगढ़, राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र को छूती हैं. भौतिक संरचना की दृष्टि से भारत के पठार का उत्तरी भाग मध्य प्रदेश के अंतर्गत आता हैं. मध्यप्रदेश में मानसूनी जलवायु हैं.
यहाँ औसत जलवायु ११२ सेमी होती हैं. मध्य प्रदेश में पांच प्रकार की मिट्टियाँ पाई जाती हैं. काली मिट्टी, लाल पीली मिटटी, जलोढ़ मिट्टी, मिश्रित मिट्टी व कछारी मिट्टी. मध्य प्रदेश में 20 से अधिक छोटी बड़ी नदियाँ बहती हैं. जिनमें नर्मदा, चम्बल, ताप्ती, सोन, बेतवा, तवा, क्षिप्रा बेनगंगा आदि प्रमुख हैं. नर्मदा मध्य प्रदेश में बहने वाली सबसे लम्बी नदी हैं. जो बहुत बड़े भू भाग को सिंचित करती हैं. इसके साथ ही ये नदियाँ पनबिजली के भी स्रोत हैं.
मध्य प्रदेश की कला व संस्कृति- मध्य प्रदेश सर्वाधिक भिन्नता वाला प्रदेश हैं. यहाँ देश की सर्वाधिक जनजातियाँ पाई जाती हैं. जिनमें गोंड़, भील, बैंगा, मारिया, कोरकू, कोल माडिया, सहरिया, पनिका आदि प्रमुख हैं. इन सभी जातियों के अपने अलग अलग लोक नृत्य व संगीत हैं.
जिनमें माच, राई, स्वांग, काठी, कर्मा, गणगौर, सेरा नृत्य बहुप्रचलित हैं. रेलोगीत, हरदौला, ददरिया, आल्हा, माच आदि लोकगीत बहुत गाये जाते हैं. मध्य प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक समारोहों में कालिदास समारोह, तानसेन समारोह, खजुराहो नृत्य, मालवा उत्सव, म. प्र समारोह प्रमुख हैं.
Short Essay on Madhya Pradesh in Hindi
1 नवम्बर 1956 को मध्यप्रदेश राज्य की स्थापना की गई थी. इसी दिन को हर साल स्थापना दिवस के रूप में भी मनाया जाता हैं. भारत के इस ह्रदय प्रदेश का सबसे बड़ा शहर इंदौर तथा राजधानी भोपाल हैं. इसका क्षेत्रफल 308,144 किलोमीटर हैं.
1 नवम्बर 2000 तक यह भारत का सबसे बड़ा राज्य था. यही वो दिन था जब इसे छतीसगढ़ नामक एक नयें राज्य के साथ विघटन कर दिया गया था. एमपी के उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र, पश्चिम में गुजरात तथा उत्तर-पश्चिम में राजस्थान है.
भारतीय संस्कृति का यह हमेशा केंद्र रहा हैं. भारत की विविधता में एकता का स्वरूप मध्य प्रदेश में ही देखने को मिलता हैं. सुंदर प्राकृतिक छटा की विरासत तथा जनजातियों के जीवन उनके नृत्य, संगीत, गीत को अपने में समाए यह रंग कुछ अलग ही छटा दिखाता हैं.
नर्मदा, सोन, सिंध, चंबल, बेतवा, केन, धसान, तवा नदी, ताप्ती, शिप्रा, काली सिंध यहाँ के जनजीवन की आशाओं तथा अपेक्षाओं को पूर्ण कर वसुधा की प्यास को मिटाती हैं. निमाड़, मालवा, बुन्देलखंड, बघेलखंड और चम्बल की संस्कृतियों का संगम लिए एक छोटे समावेशी संसार का रूप हैं.
Long Essay on Madhya Pradesh in Hindi
भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य स्थित होने के कारण इसका नाम मध्यप्रदेश जवाहरलालनेहरू ने रखा आजादी से पहले सेंट्रल प्रोविसेस तथा बरार नाम से जाना जाता था. स्वतंत्रता के पश्चात मध्य प्रदेश को 3 भागो यथा ए बी तथा सी में बांटा गया ए पार्ट में बघेलखंड छत्तीसगढ़ अर्थात पूर्वी तथा दक्षिणी भाग शामिल था बी भाग में पश्चिमी मध्य प्रदेश को रखा गया था तथा सी भाग उत्तरी मध्य प्रदेश से मिलकर बना था उस समय भोपाल सी का भाग था.
1953 में राज्य पुनर्गठन आयोग के रूप में गठित फजल अली आयोग की अनुशंसा पर 1 नवंबर 1956 को मध्य प्रदेश अस्तित्व में आया. भारत का हृदय नाम से विख्यात मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल 308252 वर्ग किलोमीटर है जनसंख्या लगभग 7:30 करोड़ है.
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है जबकि सबसे बड़ा शहर इंदौर है वर्तमान में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिव राज सिंह चौहान तथा राज्यपाल लालजी टंडन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर में है, मध्यप्रदेश में विधान सभा सीटों की संख्या 230 है जबकि कुल 29 लोकसभा क्षेत्र तथा 11 सदस्य राज्यसभा के लिए चुने जाते है .
राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों में कांग्रेस तथा बीजेपी है, छत्तीसगढ़ के गठन से पहले मध्य प्रदेश देश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य था वर्तमान में सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है मध्य प्रदेश भौतिक संरचना की दृष्टि से प्रायद्वीपीय भारत का उत्तरी भाग है. मध्य प्रदेश की सबसे ऊंची पर्वत चोटी धूपगढ़ जिसकी ऊंचाई 1350 मीटर है.
मध्य प्रदेश की सीमा 5 राज्यों को स्पर्श करती हैं राजस्थान उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र तथा गुजरात इस प्रकार भौगोलिक दृष्टि से मध्य प्रदेश भू आवेष्ठित क्षेत्र है यहां की प्रमुख नदियों में नर्मदा चंबल ताप्ती बेतवा केन शिप्रा तथा सोन है नर्मदा मध्य प्रदेश की सबसे लंबी नदी है.
मध्यप्रदेश में पांच प्रकार की मिट्टियां पाई जाती है जिसमें काली मिट्टी लाल पीली मिट्टी जलोढ़ मिट्टी मिश्रित मिट्टी व कछारी मिट्टी, देश की तरह यहां भी मानसूनी जलवायु पाई जाती है 115 सेंटीमीटर के लगभग वार्षिक वर्षा होती है. मध्य प्रदेश में कुल 55 जिले हैं मध्यप्रदेश भी हिंदी भाषी राज्य हैं और इसकी राजकाज की भाषा हिंदी है.
2010- 11 के राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार से राज्य को सम्मानित किया गया इसका कारण यहां के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जिनमें से मुख्य रूप से भीमबेटका पंचवटी खजुराहो के मंदिर सांची का स्तूप ग्वालियर का किला तथा उज्जैन पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र बने हुए हैं.
सांस्कृतिक दृष्टि से मध्य प्रदेश बेजोड़ हैं यह निमाड़ मालवा बुंदेलखंड बघेलखंड महाकोशल तथा ग्वालियर जैसे प्रमुख सांस्कृतिक क्षेत्रों का सामंजस्य है प्रत्येक सांस्कृतिक केंद्र अपनी बेजोड़ तथा अनोखी लोक संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है मध्यप्रदेश में सर्वाधिक जनजाति निवास करती है हम जनजातियों की विशिष्ट परंपराओं कला साहित्य तथा विशिष्ट रीति-रिवाजों का विशेष महत्व है.
इन जनजातियों के विशेष संगीत तथा नृत्य यहां की संस्कृति के बेजोड़ उदाहरण है. मध्य प्रदेश सर्वाधिक वन क्षेत्र वाला राज्य होने से यहां कान्हा राष्ट्रीय उद्यान सतपुड़ा राष्ट्रीय अभ्यारण बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान माधव राष्ट्रीय उद्यान वन विहार राष्ट्रीय उद्यान पन्ना राष्ट्रीय उद्यान पेंच राष्ट्रीय उद्यान तथा जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान सहित नौ राष्ट्रीय उद्यान स्थित है भारत के कुल 18 बायोस्फियर क्षेत्र में से तीन क्षेत्र मध्य प्रदेश की ही है.
मध्य प्रदेश के 3 पर्यटन स्थल खजुराहो सांची का स्तूप व भीमबेटका यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है जबकि ओरछा को हाल ही में यूनेस्को ने अस्थाई सूची में शामिल किया है. राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है प्रमुख फसलों में सेना चावल गेहूं सोयाबीन गन्ना मका कपास सरसों तथा राई है.
इंदौर सोयाबीन मंडी तथा सीहोर गेहूं की मंडी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध है इसके अलावा राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था वन उत्पादों की अहम भूमिका है जैसे तेंदू साल बीज लाख तथा सागौन बीज इनके अलावा राज्य में पांच विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना भी की गई है. मध्य प्रदेश देश का हीरे व तांबे का सबसे बड़ा भंडार है इसके अलावा कोयला मैग्नीज के पर्याप्त भंडार भी हैं.
विवरण
भारत की संस्कृति में मध्यप्रदेश जगमगाते दीपक के समान है, जिसकी रोशनी की सर्वथा अलग प्रभा और प्रभाव है। यह विभिन्न संस्कृतियों की अनेकता में एकता का जैसे आकर्षक गुलदस्ता है, मध्यप्रदेश, जिसे प्रकृति ने राष्ट्र की वेदी पर जैसे अपने हाथों से सजाकर रख दिया है, जिसका सतरंगी सौन्दर्य और मनमोहक सुगन्ध चारों ओर फैल रहे हैं।
यहाँ के जनपदों की आबोहवा में कला, साहित्य और संस्कृति की मधुमयी सुवास तैरती रहती है। यहाँ के लोक समूहों और जनजाति समूहों में प्रतिदिन नृत्य, संगीत, गीत की रसधारा सहज रूप से फूटती रहती है। यहाँ का हर दिन पर्व की तरह आता है और जीवन में आनन्द रस घोलकर स्मृति के रूप में चला जाता है।
इस प्रदेश के तुंग-उतुंग शैल शिखर विन्ध्य-सतपुड़ा, मैकल-कैमूर की उपत्यिकाओं के अन्तर से गूँजते अनेक पौराणिक आख्यान और नर्मदा, सोन, सिन्ध, चम्बल, बेतवा, केन, धसान, तवा, ताप्ती, शिप्रा, काली सिंध आदि सर-सरिताओं के उद्गम और मिलन की मिथकथाओं से फूटती सहस्त्र धाराएँ यहाँ के जीवन को आप्लावित ही नहीं करतीं, बल्कि परितृप्त भी करती हैं।
संस्कृति संगम
मध्यप्रदेश में छह लोक संस्कृतियों का समावेशी संसार है। ये छह साँस्कृतिक क्षेत्र है-
- निमाड़
- मालवा
- बुन्देलखण्ड
- बघेलखण्ड
- महाकोशल
- ग्वालियर (चंबल)
प्रत्येक सांस्कृतिक क्षेत्र या भू-भाग का एक अलग जीवंत लोकजीवन, साहित्य, संस्कृति, इतिहास, कला, बोली और परिवेश है। मध्यप्रदेश लोक-संस्कृति के मर्मज्ञ विद्वान श्री वसन्त निरगुणे लिखते हैं- “संस्कृति किसी एक अकेले का दाय नहीं होती, उसमें पूरे समूह का सक्रिय सामूहिक दायित्व होता है। सांस्कृतिक अंचल (या क्षेत्र) की इयत्त्ता इसी भाव भूमि पर खड़ी होती है। जीवन शैली, कला, साहित्य और वाचिक परम्परा मिलकर किसी अंचल की सांस्कृतिक पहचान बनाती है।”
मध्यप्रदेश की संस्कृति विविधवर्णी है। गुजरात, महाराष्ट्र अथवा उड़ीसा की तरह इस प्रदेश को किसी भाषाई संस्कृति में नहीं पहचाना जाता। मध्यप्रदेश विभिन्न लोक और जनजातीय संस्कृतियों का समागम है। यहाँ कोई एक लोक संस्कृति नहीं है। यहाँ एक तरफ़ पाँच लोक संस्कृतियों का समावेशी संसार है, तो दूसरी ओर अनेक जनजातियों की आदिम संस्कृति का विस्तृत फलक पसरा है।
निष्कर्षत: मध्यप्रदेश छह सांस्कृतिक क्षेत्र निमाड़, मालवा, बुन्देलखण्ड, बघेलखण्ड, महाकौशल और ग्वालियर हैं। धार-झाबुआ, मंडला-बालाघाट, छिन्दवाड़ा, होशंगाबाद्, खण्डवा-बुरहानपुर, बैतूल, रीवा-सीधी, शहडोल आदि जनजातीय क्षेत्रों में विभक्त है।
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