डीबीएमएस के बारे में आपने जरूर सुना होगा इसका पूरा नाम डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम है डाटा को बनाने से लेकर संभालने और डिलीट करने तक का सारा काम डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम करता है या एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो डाटा को मैनेज करता है डीबीएमएस के द्वारा यूजर और प्रोग्रामर दोनों अपने डाटा को संभाल सकते हैं अर्थात दोनों ही डाटा बना सकते हैं मैनेज कर सकते हैं और अपडेट भी कर सकते हैं। इसको हिंदी में डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली कहा जाता है यह एक संबंधित डाटा का कलेक्शन होता है जिसे व्यवस्थित किया जाता है.
DBMS Kya Hai?
file system मे हर एक एप्लीकेशन की अपनी निजी फाइल होती है और ऐसी स्थिति में कई स्थानों पर एक ही टाटा डुप्लीकेट फाइल्स बन जाती है डीबीएमएस में एक स्थान पर एक ही फाइल्स को रखा जाता है टीवीएस में संगठन के अधिकृत यूजर के द्वारा डाटा शेयर किया जाता है जिसमें डाटा एडमिनिस्ट्रेटर डाटा को नियंत्रित करता है और डाटा को एक्सेस करने के लिए उपयोगकर्ता को अधिकार देता है डीबीएमएस के द्वारा डेटाबेस में एक ही प्रकार के डाटा को बार-बार जमा होने से रोका जा सकता है.
डीबीएमएस में सारा डाटा टेबल में होता है और एक डेटाबेस में एक से अधिक टेबल नहीं है इन सभी टेबल्स के बीच संबंध बनाए जा सकते हैं जिससे डाटा को वापस प्राप्त करना और अपडेट करना आसान हो जाता है डीबीएमएस में डाटा को पूरी तरह से डाटा एडमिनिस्ट्रेटर के द्वारा कंट्रोल किया जाता है.
इसमें एडमिनिस्ट्रेटर ही यह सुनिश्चित करता है कि किसी यूजर को कितना डाटा देना है और किस हिस्से मैं डेटाबेस को कंट्रोल करना है इससे डेटाबेस की सिक्योरिटी बढ़ जाती है और डाटा गलत हाथ में नहीं जाता है कंप्यूटर एक तरह की मशीन है इसमें कभी भी खराबी आ सकती है कभी हार्डवेयर तो कभी सॉफ्टवेयर फेल हो सकता है ऐसे में आपका डाटा नष्ट हो सकता है डीबीएमएस के द्वारा आप ऐसी कंडीशन में डाटा को आसानी से रिकवर कर सकते हैं इसका कुछ नुकसान भी होता है जैसे कि डेटाबेस सिस्टम को कार्यवृत्त करने में लागत ज्यादा होती है इसमें कुछ खर्चा हो सकता है यह कई प्रकार का होता है।
DBMS के प्रकार – Types of DBMS in Hindi
1. Network Database
इस तरह के डेटाबेस में डाटा को रिकॉर्ड के रूप में दर्शाया जाता है और डाटा के बीच लिंग को दर्शाया जाता है।
2.Relational Database
इसमें डाटा को टेबल के रूप में संग्रहित किया जाता है जहां डेटाकॉलम और रोम में संग्रहित होता है इसे स्ट्रक्चरल डेटाबेस के रूप में जाना जाता है।
3.Hierarchical Database
इसमें डाटा को पेरेंट्स और चाइल्ड के रूप में दर्शाया जाता है जोकि ट्री स्ट्रक्चर में होते हैं। डीबीएमएस में सारा डाटा टेबल्स में रखा जाता है डेटा संग्रह फिल्टर संपादन पुनः प्राप्त करना आदि सभी कार्यों कोटेबल में ही किया जाता है टेबल रो और कॉलम से मिलकर बनी होती है जिसके अंदर सारा डाटा से होता है टेबल्स के अंदर प्रत्येक कॉलम को फील्ड कहते हैं इसमें हर डाटा का विशिष्ट भाग संग्रहित होता है जैसे ग्राहक संख्या ग्राहक का नाम सड़क का पता राज्य आज टेबल के अंदर पंक्तियों में जो डाटा होता है उसे रिकॉर्ड कहते हैं रिकॉर्ड एक तरह की इंट्री है.
जिसमें व्यक्ति का नाम फोन नंबर आदि स्टोर किया जा सकता है किसी टेबल या डेटाबेस में जरूरत के हिसाब से निकालने की कोई कहते हैं जैसे आप एक ही शहर में रहने वाले दोस्तों की सूची निकालना चाहते हैं तो उसे क्वेरी कहेंगे आप टेबल्स में दर्ज करा सकते हैं लेकिन उसमें संशोधित करना तथा भंडारण करना आसान नहीं होता है इसलिए समस्या को दूर करने के लिए form प्रयोग किया जाता है टेबल की तरह form में दर्ज किया जाता है।
